पाटन/जामगांव (आर)। महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जामगांव (आर) के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केंद्र की एनडीए सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए महिला आरक्षण को “राजनीतिक छलावा” बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए ठाकुर ने कहा कि भाजपा का महिलाओं को आरक्षण देने का दावा केवल एक चुनावी रणनीति है, जिसका मकसद भावनात्मक माहौल बनाकर महिला वोटरों को प्रभावित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि “नारी सम्मान” भाजपा की राजनीति में सिर्फ मंचों तक सीमित है, जबकि जमीन पर इसका कोई ठोस असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ संसद से पारित हो चुका है, तो इसे तत्काल लागू क्यों नहीं किया गया। उनके अनुसार, सरकार ने इस कानून को जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रियाओं से जोड़कर जानबूझकर टाल दिया है।
राजेश ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पहले कानून बनाती है और फिर ऐसी शर्तें जोड़ देती है कि वह वर्षों तक फाइलों में अटका रहे, लेकिन चुनाव आते ही उसी मुद्दे को फिर से जनता के सामने परोस दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव नजदीक आते ही महिलाओं के मुद्दे को फिर उछाला जा रहा है।
ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रुख की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार महिला आरक्षण को बिना शर्त तत्काल लागू करने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक राजनीतिक भागीदारी और निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए।
कांग्रेस और भाजपा की नीतियों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जैसे पंचायती राज में 33 प्रतिशत से अधिक आरक्षण। वहीं भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी घोषणाएं बड़ी हैं, लेकिन जमीनी क्रियान्वयन कमजोर है।
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के मुद्दों पर सरकार विफल रही है, लेकिन प्रचार में खुद को महिला हितैषी बताने में पीछे नहीं है।