जामगांव आर। क्षेत्र के डिंडा कपाट धाम आगेसरा स्थित मां वृंदा देवी प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के छठे एवं सातवें दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्तजन पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं और मां वृंदा देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कथा वाचन कर रहे पंडित उत्कर्ष शर्मा ने अपने प्रवचन में कहा कि “जीवन में माताओं का स्थान सर्वोच्च होता है, मां ही संस्कारों की प्रथम गुरु होती है। जिस परिवार में मातृशक्ति का सम्मान होता है, वहां सदैव सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।” उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में समाज को पुनः अपने संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों की ओर लौटने की आवश्यकता है, जिसमें माताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कथाचार्य ने श्रीमद् भागवत के माध्यम से बताया कि भक्ति, सेवा और संस्कार ही जीवन को सफल बनाते हैं। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में धर्म, सत्य और सदाचार को अपनाएं तथा माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें।
सप्तम दिवस पर श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भव्य आयोजन किया गया, जिसे आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान पूरा धाम भक्ति भाव में डूब गया और श्रद्धालु आनंदित होकर झूम उठे।
कथा का आयोजन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें मनोकामना ज्योत भी प्रज्वलित की जा रही है। आयोजन समिति के अनुसार 25 मार्च 2026 को कथा का समापन होगा, जबकि 26 मार्च को हवन-पूजन एवं 27 मार्च को ज्योत-जवारा विसर्जन किया जाएगा।