जामगांव आर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को विद्यार्थियों के लिए विशेष योग सत्र और प्रेरक प्रवचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता योग गुरु एवं चिंतक स्वामी नरेंद्र देव महाराज ने विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र बताते हुए कहा कि “जीवन में अनुशासन, समय का सदुपयोग और गुरु-माता-पिता के प्रति सम्मान ही वास्तविक शिक्षा है।” स्वामी नरेंद्र देव ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें सूर्योदय से पहले जागने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि यही समय साधना, अध्ययन और आत्मबल वृद्धि का होता है। उन्होंने कहा — “जो विद्यार्थी सूर्योदय से पहले उठता है, वह अपने जीवन का दिशा-निर्धारण स्वयं कर सकता है। देर रात तक जागना और सुबह देर तक सोना व्यक्ति को आलसी और निष्क्रिय बना देता है।”
उन्होंने कहा कि संस्कार और आत्मनियंत्रण ही मनुष्य को सफलता की ओर ले जाते हैं। “बच्चों को गुरु, माता-पिता और बड़ों की बातों का पालन करना चाहिए, क्योंकि यही जीवन में मार्गदर्शन का सबसे सशक्त स्रोत हैं।” स्वामी जी ने विद्यार्थियों से कहा कि सकारात्मक सोच, नियमित अध्ययन और ईमानदारी से किया गया प्रयास जीवन में ऊँचाइयाँ दिला सकता है। स्वामी नरेंद्र देव ने छात्रों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान से न केवल शरीर सशक्त बनता है बल्कि मन भी स्थिर होता है। विद्यार्थियों को उन्होंने दैनिक जीवन में “एक घंटा स्वाध्याय और एक घंटा सेवा” का संकल्प लेने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकगण, प्रबंध समिति के पदाधिकारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्वामी जी का स्वागत विद्यालय परिवार की ओर से पुष्पगुच्छ एवं शॉल-श्रीफल भेंट कर किया गया।।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्वामी नरेंद्र देव से जीवन में संतुलन, सफलता और साधना से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल और प्रेरक उत्तर दिया। इस दौरान जिला पातंजलि संगठन के जयंत भारती, जिला प्रभारी,नरेंद्र पटेल,रामावतार चंद्राकर, उद्धव साहू,कामता साहू,लाला राम वर्मा एके जैन,धीरेंद्र वर्मा,लिकेश्वर साहू,हथेश्वर साहू सहित विद्यालय परिवार और योगप्रेमी जनमानस उपस्थित रहे ।