
विवाद के बाद कई दिनों तक सुर्खियों में रहा मामला
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए बहुचर्चित विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान पद से हटा दिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से कलेक्टर कार्यालय अंबिकापुर में अटैच किया गया है। गौरतलब है कि 27 मई को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन द्वारा दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद मामला गरमा गया था। इसके बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा बटोरी थी।
मामले के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी थी। 1 से 3 जून तक चली हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के अनेक कार्य प्रभावित हुए और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में राजस्व मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक विधायक रामकुमार टोप्पो ने कलेक्टर से मुलाकात कर नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को सीतापुर क्षेत्र से हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने तुषार मानिक को हटाने का आदेश जारी कर दिया।
इधर, नायब तहसीलदार के तबादले के बाद अब एसडीएम फागेश सिन्हा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में उनके संबंध में भी कोई निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सीतापुर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे विवाद के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं हड़ताल समाप्त होने के बाद राजस्व कार्यालयों में कामकाज भी धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहा है।