रायपुर की प्यास बुझाने गंगरेल से छोड़ा गया पानी, पाटन क्षेत्र में खारून नदी के सभी एनीकटों के गेट खोला गया

रायपुर की प्यास बुझाने गंगरेल से छोड़ा गया पानी, पाटन क्षेत्र में खारून नदी के सभी एनीकटों के गेट खोला गया

राजधानी को प्रतिदिन 300 से 350 क्यूसेक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने जल संसाधन विभाग सक्रिय, दक्षिण पाटन क्षेत्र में बढ़ी प्रशासनिक हलचल
जामगांव आर। भीषण गर्मी में प्रदेश की राजधानी रायपुर में पेयजल संकट को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जल संसाधन विभाग ने गंगरेल बांध से जल प्रवाह बढ़ा दिया है। अधीक्षण अभियंता, महानदी जलाशय परियोजना बांध मंडल रुद्री (धमतरी) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार महानदी प्रदायक नहर (एमएफसी) के किलोमीटर 21.390 स्थित भाठागांव एनीकट तक रायपुर नगर निगम के लिए प्रतिदिन लगभग 300 से 350 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार महानदी प्रदायक नहर से भाठागांव एनीकट तक करीब 97.60 किलोमीटर के मार्ग में विभिन्न संभागीय कार्यालयों के अधीन 24 एनीकट एवं स्टॉपडेम स्थित हैं। इन संरचनाओं के कारण रायपुर के लिए छोड़ा गया पानी पर्याप्त मात्रा में भाठागांव एनीकट तक नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे राजधानी की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी।

स्थिति को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने शिवनाथ मंडल दुर्ग एवं महानदी मंडल रायपुर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के एनीकट एवं स्टॉपडेम के गेट खोलने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि रायपुर नगर निगम को निर्बाध रूप से जल उपलब्ध कराया जा सके।दुर्ग संभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत ने खारून नदी के समीप लगे समस्त ग्रामीणों से अपील किया है कि एनीकट का द्वार खुले रखें जाने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का सहयोग करेंगे।

एनीकटों के गेट खोलकर बनाए रखा जा रहा जल प्रवाह

जानकारी के अनुसार पाटन क्षेत्र में सब इंजीनियर मुकेश अहीर द्वारा लगातार फिल्ड में रहकर जल प्रवाह बनाए रखने के लिए एनीकटों के गेट समय पर खोलने की व्यवस्था किया जा रहा है। आवश्यकता अनुसार कई स्थानों पर एनीकटों के तीन-चौथाई गेट खोलकर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग की इस कार्रवाई के बाद दक्षिण पाटन क्षेत्र से गुजरने वाली खारून नदी के किनारे स्थित एनीकट एवं स्टॉपडेमों के संचालन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दुर्ग कार्यपालन अभियंता ने नदी तटवर्ती ग्रामों से एनिकेट से जलप्रवाह को बाधित ना करने की अपील की है अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से रायपुर शहर को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *