
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की छठवीं पुण्यतिथि पर उनके पुत्र और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे के खिलाफ “बेटा बचाओ” जनजागरूकता अभियान शुरू करने की घोषणा की है।अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक वीडियो जारी कर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या बन चुकी है, जिससे मिलकर लड़ने की जरूरत है।
वीडियो संदेश में अमित जोगी ने कहा, “मेरे पास सभी सवालों के जवाब नहीं हैं, लेकिन एक चिंता जरूर है। पापा मुझे बहुत सी बातें समझाते थे। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका यह बेटा उनकी सीख को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। आज उनकी छठवीं पुण्यतिथि है और मुझे आपकी जरूरत है। न कोई उपदेश, न भाषण, बस एक बेटे का दूसरे बेटे से आग्रह है।”उन्होंने कहा कि नशे को ‘ना’ कहना ही सबसे बड़ी जीत है। प्रदेश में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को चिंताजनक बताते हुए अमित जोगी ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज, परिवार और युवा मिलकर इसके खिलाफ जागरूकता की मुहिम चलाएं।
अमित जोगी के अनुसार, “बेटा बचाओ” अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के माध्यम से गांव-गांव और शहरों में जनसंपर्क, संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने प्रदेशवासियों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।अजीत जोगी की पुण्यतिथि पर किए गए इस ऐलान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि “बेटा बचाओ” अभियान प्रदेश में किस स्तर पर जनसमर्थन हासिल कर पाता है।