रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचे हैं। इस दौरान वे मेफेयर होटल में नक्सलवाद को लेकर एक हाईलेवल बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक के पहले सत्र में इंटेलिजेंस इनपुट्स की गहन समीक्षा की जा रही है, जबकि दूसरे सत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा स्थिति, चल रहे अभियानों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कई राज्यों के पुलिस महानिदेशक (DGP), अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) सहित अन्य अर्धसैनिक बलों और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन को अब सिर्फ 51 दिन शेष हैं, ऐसे में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
31 मार्च 2026 की डेडलाइन नजदीक–
छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित राज्यों में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए केंद्र सरकार की रणनीति अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की समयसीमा तय की थी। इसके बाद से सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। अब जब इस डेडलाइन में केवल 51 दिन का समय बाकी है, तो यह बैठक अंतिम रणनीतिक समीक्षा के रूप में देखी जा रही है।
पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी होंगे शामिल–
अमित शाह अपने दौरे के दौरान बस्तर में आयोजित पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर को नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में भी शिरकत कर चुके हैं।
बैठक के बाद तेज हो सकते हैं ऑपरेशन–
अमित शाह के दौरे को लेकर राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। रायपुर में हुई इस हाईलेवल बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा अभियानों को और तेज किए जाने की संभावना है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ निर्णायक कार्रवाई पर जोर दिया जा सकता है।
कुल मिलाकर, अमित शाह का यह छत्तीसगढ़ दौरा केवल एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि तय समयसीमा से पहले नक्सलवाद के खिलाफ आखिरी और निर्णायक रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में जमीनी हालात पर साफ नजर आ सकता है।