रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नवा रायपुर में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के रायपुर कैंपस और एक हाइटेक फोरेंसिक लैब का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने जहां युवाओं को रोजगार और शिक्षा को लेकर आश्वासन दिया, वहीं नक्सलवाद पर अपनी सरकार की सख्त नीति को दोहराते हुए कड़ा संदेश भी दिया।
नक्सलियों को कड़ी चेतावनी/
अपने भाषण में शाह ने कहा, “अब नक्सलियों को बारिश में भी चैन की नींद नहीं लेने देंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “अब कोई चर्चा नहीं होगी, जो मुख्यधारा में लौटना चाहता है, वह हथियार डाल दे।” उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की डेडलाइन तय की है।
NFSU से युवाओं को रोजगार की गारंटी–
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप का बड़ा अवसर है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि “NFSU से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन करने का मतलब है – नौकरी की गारंटी।” उन्होंने कहा कि रायपुर में आई-हब की शुरुआत भी युवाओं को उद्योग और इनोवेशन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।
नवा रायपुर की सराहना–
गृह मंत्री ने नवा रायपुर को “आधुनिकता और हरियाली से भरपूर भारत की सबसे बेहतरीन राजधानियों में एक” बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह शहर देश के लिए एक मॉडल राजधानी के रूप में स्थापित होगा।
NFSU की भूमिका पर जोर–
शाह ने बताया कि NFSU जैसे संस्थानों से प्रशिक्षित होने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ न केवल अपराध जांच में मदद करेंगे, बल्कि जांच की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार लाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे निर्दोष लोग अनावश्यक जेल से बचेंगे और अपराधियों को सटीक सजा मिलेगी।
पड़ोसी राज्यों के DGP-ADGP रैंक के अधिकारियों से मीटिंग–
शिलान्यास कार्यक्रम के बाद गृहमंत्री शाह नवा रायपुर स्थित होटल रिसॉर्ट में छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के DGP और ADGP रैंक के अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधित उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इसके बाद 6.30 से 8.00 बजे तक नक्सल ऑपरेशन पर विशेष समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में नक्सल ऑपरेशनों की वर्तमान स्थिति, अंतरराज्यीय समन्वय, खुफिया तंत्र की मजबूती, और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हो सकती है।