पाटन । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घोरारी में आबकारी विभाग ने भोर गश्त के दौरान अवैध महुआ शराब के निर्माण और भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 250 लीटर तैयार शराब और 5000 किलो महुआ लाहन जब्त कर नष्ट किया। मौके पर बनाई गई 8 भट्टियों को भी नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर अभिजीत सिंह और सहायक आयुक्त आबकारी सी.आर. साहू के निर्देश पर की गई।
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज–
कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने वाले आरोपी खेत के रास्ते से फरार हो गए। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच वृत्त प्रभारी अरविंद साहू द्वारा की जा रही है।
अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल लकड़ी भी जब्त–
इस कार्रवाई में वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने भी सहयोग किया। अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त करीब 3 पिकअप जलाऊ लकड़ी को वन विभाग ने जब्त किया है। यह लकड़ी जंगल से अवैध रूप से लाई गई थी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की दृष्टि से भी गंभीर मामला है।
संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका–
अभियान में आबकारी अधिकारी ईएसआई भूपेंद्र नेताम, ईएसआई अनामिका टोप्पो, ईएसआई कीर्ति ठाकुर, मुख्य आरक्षक संतोष दुबे, प्रह्लाद सिंह राजपूत, आरक्षक खुलदीप यादव, वाहन चालक नोहर और धनराज का विशेष योगदान रहा। साथ ही, वन विभाग से एसडीओ (एसीएफ) धनेश साहू व उनकी टीम और राजस्व विभाग की टीम ने भी मौके पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय प्रशासन की सख्ती जारी–
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी ऐसे कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रहेंगे और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।