पीएम मोदी के 75 मिनट के भाषण का विश्लेषण: 111 बार ‘भारत’, 52 बार युवाओं का जिक्र; ‘देशवासियो’ 40 बार बोला

पीएम मोदी के 75 मिनट के भाषण का विश्लेषण: 111 बार ‘भारत’, 52 बार युवाओं का जिक्र; ‘देशवासियो’ 40 बार बोला

YC न्यूज डेस्क | नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया। करीब 75 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत, युवाओं, विकास, गरीबी, डिजिटल तकनीक और नक्सलवाद समेत कई मुद्दों पर जोर दिया। भाषण के शब्दों के विश्लेषण के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सबसे ज्यादा 111 बार ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद ‘दुनिया’ का 62 बार जिक्र किया गया। युवाओं को संबोधित करने के लिए ‘युवा’, ‘नौजवान’, ‘युवा शक्ति’ और ‘साथियो’ जैसे शब्दों का कुल 52 बार इस्तेमाल हुआ।

‘मेरे प्यारे देशवासियो’ 40 बार

प्रधानमंत्री के भाषण में संबोधन के तौर पर ‘मेरे प्यारे देशवासियो’ का इस्तेमाल 40 बार हुआ। इसके अलावा ‘साथियो’ शब्द 10 बार बोला गया। ‘मेरे प्यारे युवाओं’, ‘देश सेवक’ और ‘भाई-बहनों’ जैसे संबोधन भी भाषण में एक-एक बार सुनाई दिए। मोदी के भाषण में ‘परिवारजनों’ शब्द भी प्रमुखता से दिखाई दिया। यह संबोधन पिछले कुछ वर्षों से उनके स्वतंत्रता दिवस के भाषणों का हिस्सा रहा है।

नक्सलवाद, गरीबी और डिजिटल का भी जिक्र

प्रधानमंत्री ने भाषण में नक्सलवाद के मुद्दे पर भी जोर दिया। नक्सलवाद से जुड़े शब्दों का कुल 15 बार इस्तेमाल किया गया। वहीं गरीबी और गरीब से जुड़े शब्द 7 बार, ‘लाल किला’ 11 बार और ‘डिजिटल’ शब्द 10 बार बोला गया। प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए युवा शक्ति को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया।

‘देशवासियो’ के बाद ‘परिवारजनों’ पसंदीदा संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों में ‘देशवासियो’ लंबे समय से प्रमुख संबोधन रहा है। वर्ष 2025 के भाषण में इसका इस्तेमाल करीब 50 बार, 2024 में करीब 30 बार, 2023 में करीब 15 बार और 2022 में 40 से ज्यादा बार किया गया था। वहीं ‘परिवारजनों’ शब्द का इस्तेमाल वर्ष 2023 में करीब 50 बार हुआ था और यह उस वर्ष प्रधानमंत्री के सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए संबोधनों में शामिल था। ‘साथियों’ शब्द भी मोदी के भाषणों में लगातार दिखाई देता रहा है। 2025 में इसका इस्तेमाल करीब 35 बार, 2024 में 30 बार, 2023 में 5 बार और 2022 में करीब 8 बार हुआ था।

लाल किले से 13वीं बार संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष लाल किले से लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। लगातार सबसे ज्यादा स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का रिकॉर्ड अभी भी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम है, जिन्होंने लाल किले से 17 बार देश को संबोधित किया था।

‘दिमागी नक्सलवाद’ पर भी प्रधानमंत्री ने साधा निशाना

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद के साथ-साथ ‘दिमागी नक्सलवाद’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सली कमजोर पड़े हैं, लेकिन कुछ लोग विचारों और गतिविधियों के जरिए समाज को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं को ऐसे विचारों से दूर रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा में जोड़ना विकसित राष्ट्र के लक्ष्य के लिए जरूरी है।

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