पीएम मोदी बोले- हथियारबंद नक्सल खत्म, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ सक्रिय; युवाओं को भटकाने वालों से सावधान रहें

पीएम मोदी बोले- हथियारबंद नक्सल खत्म, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ सक्रिय; युवाओं को भटकाने वालों से सावधान रहें

YC न्यूज डेस्क । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से करीब 75 मिनट के संबोधन में विकसित भारत, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, महिला आरक्षण, तकनीक और नक्सलवाद समेत कई मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। लगातार 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ समाज और युवाओं को भटकाने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों को पहचानना होगा और उन्हें अलग-थलग करना होगा। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।

‘हथियारबंद नक्सल चले गए, दिमागी नक्सल मौके की तलाश में’

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सली कमजोर हुए हैं, लेकिन वैचारिक स्तर पर समाज को भटकाने की कोशिश करने वाले लोग अभी भी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं। इन्हें पहचानना होगा और युवाओं को उनके प्रभाव से बचाना होगा।

महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से अपील

प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले आरक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करने की अपील की। मोदी ने कहा कि माताओं और बहनों को देश की नीति निर्माण में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से कहा कि वे इसका श्रेय लेने के लिए आगे आएं, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार जरूर दें।

एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण

पीएम मोदी के भाषण में युवाओं पर खास फोकस रहा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की ट्रेनिंग देने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने छात्रों के लिए कई परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की भी बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा शक्ति विकसित भारत के लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत है।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए केवल योजनाओं और नीतियों में बदलाव पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कार्य संस्कृति और सोच में भी बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में जो काम नहीं हो सके, उन्हें आने वाले 5 से 7 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखना होगा।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता को देश की जरूरत बताते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर होकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन केवल आयात पर निर्भर रहने से देश की अपनी क्षमताएं विकसित नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत को अपनी क्षमताएं बढ़ाने और अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा खुद करने की जरूरत है।

सप्तधारा के जरिए विकास का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख किया। इसमें विनिर्माण, किसान और खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना होगा और छोटे पुर्जों से लेकर पूरी मशीनरी तक का उत्पादन देश में बढ़ाना होगा। गुणवत्ता और विश्वसनीयता को वैश्विक बाजार में भारत की पहचान बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

एआई, क्वांटम और डिजिटल तकनीक पर फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला दौर डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम तकनीक और उभरती प्रौद्योगिकियों का है। भारत को नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने और अपनी डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों में करने की भी बात कही।

ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था पर जोर

मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को मौजूदा समय की बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि देश को बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और हरित परिवहन जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में घर सौर ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और कई परिवार बिजली उत्पादन के जरिए आय भी अर्जित कर रहे हैं।

भाषण से पहले लाल किले पर वंदे मातरम् का गायन

स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार लाल किले पर वंदे मातरम् का विशेष आयोजन हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान हुआ। 21 तोपों की सलामी भी दी गई। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। इस अवसर पर युवा नवोन्मेषकों, स्टार्टअप से जुड़े युवाओं, पीएम इंटर्नशिप योजना के प्रतिभागियों, कौशल विकास से प्रशिक्षित युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

कांग्रेस ने ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर किया पलटवार

प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए नया शब्द गढ़ा है। रमेश ने कहा कि कुछ वर्ष पहले प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए ‘अर्बन नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के बयान को राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने की कोशिश बताया। इस तरह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री का संबोधन जहां विकसित भारत, युवा शक्ति और आत्मनिर्भरता के रोडमैप पर केंद्रित रहा, वहीं ‘दिमागी नक्सल’ की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को भी गरमा दिया।

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