POCSO मामलों में बढ़ोतरी पर अरुण वोरा का हमला : “हर दिन बच्चों के खिलाफ अपराध, व्यवस्था विफल”

दुर्ग-भिलाई | छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास की घटना के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक अरुण वोरा ने राज्य में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि अब लगभग हर दिन मासूमों के खिलाफ अपराध की खबरें सामने आ रही हैं। वोरा ने कहा कि सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन मामलों में अक्सर आरोपी कोई परिचित, पड़ोसी या परिवार से जुड़ा व्यक्ति ही होता है, जिससे समाज में विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में POCSO Act के तहत दर्ज मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, लेकिन कड़े कानून के बावजूद अपराधियों में किसी प्रकार का भय नजर नहीं आता।

पूर्व विधायक ने कहा कि यह स्थिति इस बात का संकेत है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

दोषियों को त्वरित सजा की मांग
वोरा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित और कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में सख्त संदेश जाए और अपराधियों में कानून का भय स्थापित हो।

बच्चों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर चिंता
उन्होंने एक अन्य गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि हाल के समय में बच्चों के बीच आत्महत्या के मामलों में भी वृद्धि हुई है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। वोरा ने सुझाव दिया कि स्कूलों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अनिवार्य की जाएं। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखने की जरूरत है।

उन्होंने प्रशासन से निगरानी तंत्र मजबूत करने, जागरूकता अभियान चलाने और पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। अंत में उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार केवल बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस और सख्त कार्रवाई करे, अन्यथा मासूमों की सुरक्षा पर खतरा बना रहेगा।

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