PCC अध्यक्ष का सख्त संदेश: 16 अप्रैल तक कार्यकारिणी गठन अनिवार्य, कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों के लिए तय की डेडलाइन,देरी पर होगी कार्रवाई

रायपुर | छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जिला कांग्रेस कमेटियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने सभी जिलाध्यक्षों को 16 अप्रैल तक हर हाल में अपनी कार्यकारिणी का गठन करने की डेडलाइन दी है। तय समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निर्धारित समय तक कार्यकारिणी का गठन नहीं होने की स्थिति में PCC संबंधित जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त करेगी। ये पर्यवेक्षक स्थानीय स्तर पर रायशुमारी कर पदाधिकारियों के नामों की सूची तैयार करेंगे, जिसके आधार पर कार्यकारिणी घोषित की जाएगी। पहले यह समयसीमा 31 मार्च तय की गई थी, लेकिन कई जिलों में प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण इसे बढ़ाकर 16 अप्रैल कर दिया गया।

वरिष्ठ नेताओं की बैठक में लिया गया फैसला
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में आयोजित बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि संगठनात्मक कार्यों में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्षों को समयबद्ध तरीके से कार्यकारिणी गठन पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर में 70 वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी
इधर रायपुर शहर कांग्रेस में PCC के अनुमोदन के बाद 70 वार्ड अध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी गई है। कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में नव नियुक्त पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने, बूथ कमेटियों के गठन पर ध्यान केंद्रित करने और संगठन विस्तार के लिए काम करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

कई जिलों में अब भी अटका गठन
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर सहित कुछ जिलों में अभी भी कार्यकारिणी गठन लंबित है। इसके पीछे क्षेत्रीय संतुलन और आपसी समन्वय की कमी प्रमुख कारण बताई जा रही है। रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न नहीं हो पाई है, जिससे PCC अब सीधे हस्तक्षेप की तैयारी में है।

विवाद के बाद बनी नई सूची
हाल ही में रायपुर शहर कांग्रेस में वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद सामने आया था। बिना अनुमोदन जारी सूची को निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद 19 नामों में बदलाव कर नई सूची जारी की गई। संगठन महामंत्री मलकीत सिंह गैदू की मंजूरी के बाद अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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