“आवारा मवेशियों को लेकर पाटन में गरमाया माहौल ! फसल बचाने किसानों का तहसील कूच, तेलीगुंडरा में दो पक्ष आमने-सामने”प्रशासन ने रोका

“आवारा मवेशियों को लेकर पाटन में गरमाया माहौल ! फसल बचाने किसानों का तहसील कूच, तेलीगुंडरा में दो पक्ष आमने-सामने”प्रशासन ने रोका

पाटन, 24 सितंबर 2026। खुले में घूम रहे मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान के विरोध में रानीतराई क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान गुरुवार को मवेशियों को लेकर पाटन की ओर निकल पड़े। किसानों का उद्देश्य मवेशियों को एसडीएम एवं तहसील कार्यालय पहुंचाकर प्रशासन के समक्ष समस्या को गंभीरता से उठाना था। किसानों के इस कदम की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और तेलीगुंडरा के पास किसानों को रोककर उनसे चर्चा की गई। मौके पर एसडीएम उत्तम ध्रुव, तहसीलदार मनोज गुप्ता, नायब तहसीलदार मनोज रस्तोगी, जनपद पंचायत सीईओ महेंद्र जांगड़े सहित पाटन और रानीतराई थाना पुलिस का बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और खुले में घूम रहे मवेशियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से मवेशियों को गौशाला भेजने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।

तेलीगुंडरा में आमने-सामने आए दो पक्ष, बहस के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

किसानों के पाटन की ओर आने की सूचना के बाद पाटन नगर पंचायत अध्यक्ष निक्की भाले, पार्षदों और पाटन क्षेत्र के कुछ किसान भी तेलीगुंडरा पहुंच गए। स्थानीय किसानों का कहना था कि नगर पंचायत क्षेत्र में भी बाहर से मवेशियों को लाकर छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे स्थानीय किसानों और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोनों क्षेत्रों के किसानों के बीच अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर बहस की स्थिति बन गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रित किया। चर्चा के बाद मामला शांत हुआ।

औसर, रानीतराई और असोगा के किसान हुए शामिल

किसानों के इस विरोध में औसर, रानीतराई, असोगा सहित आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों का कहना है कि खुले में घूमने वाले मवेशी खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक, पिछले दिनों औसर के किसानों ने एसडीएम पाटन को खुले में घूम रहे मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान की जानकारी देते हुए स्थायी समाधान की मांग की थी। किसानों का कहना है कि समस्या का प्रभावी समाधान नहीं होने के कारण नाराजगी बढ़ती गई और उन्हें मवेशियों को लेकर प्रशासन के कार्यालय तक पहुंचने का निर्णय लेना पड़ा।

स्थायी समाधान की मांग, प्रशासन के सामने चुनौती

किसानों ने मांग की है कि खुले में घूमने वाले मवेशियों की व्यवस्था के साथ फसल चराई की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही अलग-अलग गांवों और नगर क्षेत्र में दूसरे स्थानों से मवेशियों को लाकर छोड़ने की शिकायतों पर भी प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। फिलहाल तेलीगुंडरा में प्रशासन और किसानों के बीच हुई चर्चा के बाद स्थिति शांत है। प्रशासन द्वारा मवेशियों को गौशाला भेजने और मामले के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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