बचपन की मुस्कान लौटाई सांसद बघेल ने, बंद दरवाजे खुले स्कूल के-हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित, अभिभावकों ने जताया आभार

भिलाईनगर | शिक्षा का अधिकार अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई बन गया है। रविवार को सेक्टर-5 स्थित सांसद विजय बघेल के निवास पर क्षेत्र से बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंचे। उनका उद्देश्य केवल एक था—अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए धन्यवाद व्यक्त करना।

दरअसल, कई बच्चों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बावजूद स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा था। प्रवेश न मिलने की वजह से अभिभावकों में चिंता की लकीरें गहरा गई थीं। मामला जब सांसद विजय बघेल तक पहुंचा, तो उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न मानते हुए इसे गंभीरता से लिया। मामले में श्री बघेल ने तुरंत पहल करते हुए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और फिर पूरे प्रकरण को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। शिक्षा का संवैधानिक अधिकार आधार बनाकर उन्होंने बच्चों की ओर से मजबूती से पक्ष रखा। नतीजा—उच्च न्यायालय ने सभी बच्चों को तत्काल प्रभाव से प्रवेश देने का निर्देश जारी कर दिया।

यह निर्णय आते ही अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। सभी पालकों ने एक स्वर में कहा, “यदि सांसद महोदय ने समय रहते पहल न की होती, तो हमारे बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता। सांसद श्री बघेल ने भी इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा,हमारा कर्तव्य है कि किसी भी परिस्थिति में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित न किया जाए। शिक्षा सबका अधिकार है और मैं इसके लिए सदैव तत्पर रहूंगा। अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, समाजसेवी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर सांसद बघेल का अभिनंदन किया और शिक्षा के इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार प्रकट किया।

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