NH-53 से शुरू होगा ‘बी कॉरिडोर’: 2 लाख फूलदार पौधों से सजेगी हरित पट्टी, मधुमक्खियों के लिए बनाएगा रास्ता NHAI

रायपुर। सड़कों के निर्माण के साथ अब पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल शुरू की जा रही है। National Highways Authority of India (NHAI) छत्तीसगढ़ में मधुमक्खियों के लिए विशेष ‘बी कॉरिडोर’ विकसित करने जा रहा है। इसकी शुरुआत सबसे पहले National Highway 53 के आरंग–सरायपाली मार्ग से की जाएगी। इसके बाद यह पहल National Highway 30 के रायपुर–धमतरी मार्ग और National Highway 130 के कटघोरा–पथरापाली मार्ग पर भी लागू की जाएगी। इस परियोजना के तहत राजमार्गों के किनारे बड़ी संख्या में फूलदार और परागयुक्त पौधे लगाए जाएंगे, ताकि मधुमक्खियों को पूरे साल पराग और मधुरस मिल सके।

दो लाख पौधों से बनेगा फूलों का संसार

योजना के तहत वर्ष 2026-27 में प्रदेश में लगभग 2 लाख पौधे लगाए जाएंगे। देशभर में कुल 40 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पौधों में करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश और जामुन जैसे पेड़ शामिल होंगे। साथ ही झाड़ियां, जड़ी-बूटियां और घास का मिश्रण भी लगाया जाएगा, जिससे अलग-अलग मौसम में फूल खिलते रहें और मधुमक्खियों को लगातार भोजन मिलता रहे।

गांवों से 5–6 किमी दूर विकसित होंगे कॉरिडोर

एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक इन कॉरिडोर को गांवों से औसतन 5 से 6 किलोमीटर दूर विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही राजमार्गों के किनारे स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुरूप हरित पट्टी तैयार की जाएगी और मधुमक्खियों के प्राकृतिक आवास के अनुकूल संरचनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि और जैव-विविधता को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार इस पहल से परागण की प्रक्रिया मजबूत होगी, जिससे कृषि और बागवानी उत्पादन बढ़ने की संभावना है। साथ ही यह परियोजना जैव-विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने में भी मददगार साबित होगी। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी Pradeep Kumar Lal ने कहा कि एजेंसी का लक्ष्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रीन हाईवे में बदलना है। देशी पेड़ों से विकसित ये कॉरिडोर पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेंगे और स्थानीय कृषि को भी नई दिशा देंगे।

बड़े प्रोजेक्ट तय समय से पीछे

इधर राज्य में चल रहे कुछ बड़े सड़क प्रोजेक्ट तय समय से पीछे चल रहे हैं। रायपुर–विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर–दुर्ग बाईपास का निर्माण जुलाई 2023 में शुरू हुआ था। इनमें रायपुर–विशाखापट्टनम परियोजना को सितंबर 2026 तक और रायपुर–दुर्ग बाईपास को जून 2026 तक पूरा होना है, लेकिन वर्तमान में दोनों परियोजनाएं लगभग छह महीने की देरी से चल रही हैं।

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