पाटन । भारतीय किसान संघ पाटन ने किसानों की खाद, बिजली और सिंचाई से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन नायब तहसीलदार, पाटन को सौंपा गया। किसान नेताओं ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
ज्ञापन में किसानों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- सहकारी समितियों में खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाकर नियमित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों को घरेलू बिजली पर हाफ बिजली बिल योजना पुनः लागू की जाए।
- सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त कर नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचाया जाए।
किसानों ने बताया कि इस समय फसलों के लिए खाद की भारी किल्लत है, बिजली की आपूर्ति बाधित है और नहरों में पानी न पहुंचने से सिंचाई संकट गहराता जा रहा है। ऐसी स्थिति में कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से ठाकुर राम साहू, भोलाराम ठाकुर, नंदकुमार ठाकुर, विजय कुमार साहू, भगवान दास साहू, टंकेश्वर साहू, धीरज लाल ठाकुर, प्रकाश ठाकुर, बलदेव साहू, धनेश्वर सिन्हा, महादेव पटेल, शिवनंदन ठाकुर, जसपाल ठाकुर, सियाराम पटेल, रमेश्वर ठाकुर, रामस्वरूप साहू सहित अन्य किसान नेता शामिल रहे।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की आवाज अब और अनसुनी नहीं की जाएगी। यदि शासन-प्रशासन ने समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं किया तो किसान आंदोलन के लिए तैयार हैं।