रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों की हड़ताल शुक्रवार को खत्म हो गई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई निर्णायक बैठक में सरकार ने NHM कर्मियों की चार प्रमुख मांगें मान लीं, जबकि शेष तीन मांगों पर उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।बैठक में तय हुआ कि NHM कर्मियों को जुलाई 2023 से 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। साथ ही 30 दिन का वैतनिक अवकाश, पारदर्शी वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली और 5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा प्रदान की जाएगी।
शेष लंबित तीन मांगों—ग्रेड पे निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति—पर विचार के लिए समिति बनाई गई है। यह समिति तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही बाकी मुद्दों का भी समाधान होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हड़ताल खत्म होने से स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होंगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
NHM कर्मियों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। शनिवार से सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटेंगे।
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला और अपनी प्रमुख मांगों के पूरा होने पर आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने के निर्णय को राज्यहित में सराहनीय कदम बताया।बैठक में विधायक किरण देव, संघ के पदाधिकारी डॉ. अमित मिरी, डॉ. रविशंकर दीक्षित, पूरन दास, कौशलेश तिवारी, हेमंत सिन्हा, दिनेश चंद्र, संतोष चंदेल, प्रफुल्ल पाल, डॉ. देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।