YC न्यूज़ डेस्क। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की कार्रवाई और उसके परिणामों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि, जब ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 100 किलोमीटर भीतर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया और 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, तब भी यह स्पष्ट नहीं है कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को पकड़ा क्यों नहीं गया? ऐसे में यह ऑपरेशन सफल कैसे माना जा सकता है? बघेल ने सवाल किया, “जब 26 नागरिक मारे गए, तो सरकार बताएं कि आतंकियों को अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया? पाकिस्तान से किस तरह के वादे किए गए, और क्या युद्धविराम की घोषणा में तीसरे पक्ष की भूमिका रही?”
अमेरिकी दबाव और शिमला समझौते पर उठे सवाल
भूपेश बघेल ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा युद्धविराम की घोषणा पर शंका जताते हुए कहा, “क्या यह युद्धविराम अमेरिका के दबाव में हुआ? अगर ऐसा है तो यह शिमला समझौते की भावना के खिलाफ है।” उन्होंने 1971 की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद दिलाते हुए कहा कि “इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव को नकार कर पाकिस्तान को झुकाया था। क्या आज की सरकार उतनी ही मजबूत है?”
‘जय हिंद यात्रा’ बनाम ‘राजनीतिक लाभ’ का आरोप
बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने संकट की इस घड़ी में ‘संविधान बचाओ रैली’ को स्थगित कर ‘जय हिंद यात्रा’ शुरू की ताकि सेना का मनोबल बढ़ाया जा सके और आतंक के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया जा सके। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने इस हालात को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और सोशल मीडिया पर UPA और NDA की तुलना कर सेना की बहादुरी को भी चुनावी हथियार बनाया।
संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग
पूर्व सीएम ने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का हक है कि युद्धविराम की शर्तें क्या थीं, पाकिस्तान से क्या समझौता हुआ, और क्या भारत की पुरानी नीतियों में कोई बदलाव किया गया?
उन्होंने यह भी कहा कि, “22 अप्रैल से अब तक 26 लोग मारे जा चुके हैं। सरकार कहती है कि सेना को खुली छूट दी गई थी, लेकिन यह स्पष्ट किया जाए कि वह छूट कब वापस ली गई?”
राष्ट्रहित में समर्थन, पर जवाबदेही जरूरी: बघेल
बघेल ने अंत में स्पष्ट किया कि कांग्रेस राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन सवाल पूछना लोकतंत्र की आत्मा है। “हम सेना के साथ हैं, लेकिन सरकार की जवाबदेही भी जरूरी है।” उन्होंने कहा कि यह समय एकजुटता का है, लेकिन पारदर्शिता और ईमानदारी के बिना जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।
अरुण साव का पलटवार: कांग्रेस कर रही है भ्रम फैलाने की राजनीति
इस पूरे बयान पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस हर मुद्दे पर राजनीति करती है और देश में भ्रम फैलाती है। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत आतंक के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि सिंदूर सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि एक प्रतीक है और पूरी दुनिया ने इसकी कीमत और भाव को समझा है।