खंडहर में चलता था ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, वेबसाइट के जरिए लगते थे करोड़ों के दांव
रायपुर। रायपुर में एक बार फिर महादेव सट्टा सिंडिकेट की तर्ज पर संचालित हो रहे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कबीर नगर थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह का खुलासा किया, जो खंडहर मकान को अड्डा बनाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था।पुलिस को बुधवार शाम मुखबिर से सूचना मिली कि तिरंगा चौक फेस-02 के पास एक परित्यक्त भवन में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। घेराबंदी कर तीन युवकों—दीपक सचदेवा, गौरव सचदेवा और ऋषभ रंगलानी—को रंगे हाथों पकड़ा गया। तलाशी के दौरान पुलिस को लाखों रुपए नकद, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और 25 से अधिक एटीएम-क्रेडिट कार्ड मिले। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ramco777.com, wood777.com और powerexch.com वेबसाइटों के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पूछताछ में गिरोह के एक अन्य सदस्य ओम खेमानी का नाम सामने आया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छठ तालाब हीरापुर क्षेत्र से उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 3.11 लाख रुपए नकद और कई इलेक्ट्रॉनिक व बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए।
मास्टर आईडी से चलता था पूरा खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ‘मास्टर आईडी’ के जरिए ग्राहकों को सट्टेबाजी की सब-आईडी उपलब्ध कराता था। क्रिकेट मैचों के दौरान ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे और हार-जीत की रकम डिजिटल माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। बाद में इन खातों से नगद निकासी की जाती थी।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिंडिकेट को तकनीकी सहायता और आईडी उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रायपुर पुलिस इस मामले को संगठित अपराध के एंगल से भी जांच रही है।