
धमतरी। धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को पकड़ी गई 53 पेटी अवैध शराब के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। बालोद जिले की अरकार शराब दुकान के सुपरवाइजर समेत पांच कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है। दूसरी ओर, बर्खास्त कर्मचारियों ने आबकारी विभाग के उप निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य के मौखिक निर्देश पर शराब धमतरी भेजी थी। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में सुपरवाइजर यशपाल देशमुख, सेल्समैन चुम्मन साहू और सुरक्षा गार्ड दिलीप निर्मलकर प्रमुख हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उप निरीक्षक आशाराम शाक्य ने फोन पर धमतरी के एक व्यक्ति को शराब देने के लिए कहा था। सरकारी अधिकारी का आदेश समझकर उन्होंने शराब उपलब्ध करा दी। कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब विभाग की जानकारी और अनुमति के बिना दुकान से बाहर नहीं जा सकती। उनका आरोप है कि अब पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर डालकर उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
दबाव बनाकर बयान लेने का आरोप
बर्खास्त कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मामला उजागर होने के बाद उन पर दबाव बनाकर गलत बयान पर हस्ताक्षर करवाए गए। उनका दावा है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जो पूरी सच्चाई सामने ला सकते हैं। कर्मचारियों ने न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।
53 पेटी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
धमतरी पुलिस के अनुसार, अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम धौंराभाठा में पकड़ी गई शराब बालोद जिले की अरकार शराब दुकान से जुड़ी पाई गई। पुलिस ने खिलानंद उर्फ गोलू साहू (33) और कमलेश साहू (32) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 53 पेटी अवैध शराब जब्त की है, जिनमें:
- 40 पेटी देशी प्लेन
- 5 पेटी देशी मसाला
- 8 पेटी अंग्रेजी शराब
शामिल हैं। कुल 457.920 बल्क लीटर शराब की कीमत लगभग 2 लाख 23 हजार 680 रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
बालोद में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज
नए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के पदभार संभालने के बाद बालोद जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस ने बिक्री, सप्लाई और सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए पिछले एक महीने में 70 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं।
उप निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस
आरोपों के बीच आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य ने खुद को निर्दोष बताया है। वहीं जिला आबकारी अधिकारी डॉ. पलक नंदा ने कहा कि नियमों के विरुद्ध शराब वितरण की शिकायत मिलने पर संबंधित उप निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला शराब दुकान संचालन, आबकारी विभाग की निगरानी और अवैध शराब नेटवर्क की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है.