दुर्ग-भिलाई/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग और बिलासपुर में बिल्डर और कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच के तहत की जा रही है। दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और कार्यालय पर ED की टीम ने दबिश दी। यहां अधिकारियों ने राठी से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक फर्मों के वित्तीय दस्तावेज, निवेश रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाले। सुबह से ही टीम की जांच जारी रही।
वहीं बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित ‘श्री राम ज्वेलर्स’ पर 10 से अधिक अधिकारियों की टीम ने छापा मारा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल के सिंडिकेट से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच के लिए की जा रही है। विकास अग्रवाल को अनवर ढेबर का करीबी और विवेक अग्रवाल का भाई बताया जा रहा है। जांच के दौरान ED को पहले की छापेमारियों में मिले दस्तावेजों के आधार पर कई अहम कड़ियां हाथ लगी हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों के जरिए कथित घोटाले में शामिल लोगों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। इस पूरे मामले में भारतमाला प्रोजेक्ट के मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रोजेक्ट प्रभावित क्षेत्रों में कुछ नेताओं ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी और बाद में उसी जमीन का मुआवजा हासिल किया।
जांच के दायरे में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टरों की भूमिका भी जांच के घेरे में है, जिनमें से 6 पर गंभीर संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चुकी है और तत्कालीन एसडीएम समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पटवारी, राजस्व निरीक्षक, प्रॉपर्टी डीलर और अन्य लोग शामिल हैं। ईओडब्ल्यू अब इस मामले में जल्द ही अंतिम चालान पेश करने की तैयारी में है। ईडी ने इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है और अब बड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा उनके करीबियों की भूमिका की अलग से जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में दो दर्जन से अधिक प्रॉपर्टी डीलर और बिचौलियों के नाम भी सामने आए हैं। फिलहाल, ED की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।