
दुर्ग-भिलाई। गरीबों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी के खिलाफ खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर विभागीय टीम ने जिले में अलग-अलग चार ठिकानों पर दबिश देकर 132 बोरी यानी करीब 36 क्विंटल चावल जब्त किया है। जब्त चावल सरकारी राशन का है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग की टीम ने राजीव नगर स्थित एक ठिकाने से 60 कट्टा, जबकि त्रिवेदी किराना स्टोर के गोदाम से 72 कट्टा चावल बरामद किया। प्रशासन को आशंका है कि बरामद चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के स्टॉक से संबंधित हो सकता है। फिलहाल विभाग ने चावल के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त चावल सरकारी वितरण प्रणाली का है अथवा नहीं। साथ ही विभाग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि चावल यहां तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।इधर खाद्य विभाग की टीम ने सुपेला और रामनगर क्षेत्र में भी जांच कार्रवाई की। रामनगर में टीम को सरकारी चावल से लदा एक ऑटो मिला। हालांकि कार्रवाई के दौरान ऑटो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। विभाग और पुलिस अब वाहन के नंबर के आधार पर चालक की पहचान करने तथा चावल के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं।
कार्रवाई के बाद सरकारी राशन की खरीद-बिक्री, परिवहन और अवैध भंडारण से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। फिलहाल विभाग की जांच जारी है और जब्त चावल की लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।