दुर्ग, 30 मार्च 2026। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला बी.कॉम फाइनल ईयर के अंग्रेजी प्रश्नपत्र से जुड़ा है, जिसमें छात्रों ने बड़े पैमाने पर ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवाल पूछे जाने का आरोप लगाया है। परीक्षा खत्म होते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन में बदल गया।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि प्रश्नपत्र के सभी यूनिट से ऐसे सवाल पूछे गए, जो निर्धारित सिलेबस में शामिल ही नहीं थे। इससे उनकी सालभर की तैयारी पर पानी फिर गया और परीक्षा में प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह रही कि आमतौर पर एक-दूसरे के विरोधी माने जाने वाले छात्र संगठन—अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI)—इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए। दोनों संगठनों ने परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बी.कॉम फाइनल की छात्रा दीप्ति पाण्डे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरे साल की पढ़ाई का पेपर में कोई फायदा नहीं मिला। उनका आरोप है कि पांचों यूनिट में एक भी सवाल सिलेबस से नहीं था, जो छात्रों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित छात्रों को बोनस अंक दिए जाएं।वहीं, एबीवीपी के छात्र नेता आकाश कुमार साहू ने इसे विश्वविद्यालय की गंभीर लापरवाही बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
दूसरी ओर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और NSUI नेता आकाश कन्नौजिया ने भी प्रशासन को घेरते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की गलती सामने आई हो। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। फिलहाल, बढ़ते विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच और शिकायतों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। अब छात्रों की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई