शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति पर बड़ा फैसला — DPI ने सभी DEO को जारी किए निर्देश, शिक्षा सत्र 2025-26 के अंत तक सहायक शिक्षक से प्राचार्य तक को मिलेगा सत्रांत तक कार्य का मौका

शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति पर बड़ा फैसला — DPI ने सभी DEO को जारी किए निर्देश, शिक्षा सत्र 2025-26 के अंत तक सहायक शिक्षक से प्राचार्य तक को मिलेगा सत्रांत तक कार्य का मौका

रायपुर, 2 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ की शालेय शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक सभी शालेय शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंत तक पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। यह आदेश प्रदेश के सभी सरकारी एवं 100% अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। जारी पत्र में DPI ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति इस शिक्षा सत्र के दौरान हो रही है, उन्हें सत्रांत तक कार्य जारी रखने का अवसर दिया जाए। केवल वही शिक्षक पुनर्नियुक्ति से बाहर रहेंगे, जो स्वयं पुनर्नियुक्ति से मना करेंगे।

सभी शिक्षकों को सत्रांत तक पुनर्नियुक्ति

DPI ने स्पष्ट किया है कि पुनर्नियुक्ति का लाभ राज्य के सभी शिक्षकों को मिलेगा—सहायक शिक्षक,शिक्षक,व्याख्याता,प्रधान पाठक एवं प्राचार्य। शिक्षा सत्र की निरंतरता बनाए रखने और शिक्षण कार्य में बाधा से बचने के लिए यह कदम आवश्यक बताया गया है।

पदोन्नत प्राचार्यों को भी मिलेगा सत्रांत तक कार्य करने का अवसर

ई एवं टी संवर्ग के वे पदोन्नत प्राचार्य, जो इस सत्र में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें भी शिक्षा सत्र समाप्त होने तक पद पर बने रहने की अनुमति दी गई है। इससे प्रशासनिक कार्यों में किसी तरह का अवरोध नहीं आएगा।

स्वैच्छिक अस्वीकार को छोड़कर सभी को पुनर्नियुक्ति

DPI ने स्पष्ट किया है कि डिफ़ॉल्ट रूप से सभी पात्र शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। यदि कोई शिक्षक स्वयं पुनर्नियुक्ति नहीं चाहता, तो उसकी लिखित सूचना जिला कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई जिलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

➡ क्यों जरूरी पड़ी पुनर्नियुक्ति?

शिक्षा विभाग के अनुसार—मध्य सत्र में शिक्षक सेवानिवृत्त होने से शिक्षण कार्य बाधित होता है। विज्ञान, गणित, अंग्रेज़ी आदि विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बढ़ जाती है।बीच सत्र में नई भर्ती या स्थानांतरण संभव नहीं होता। पुनर्नियुक्ति से विद्यालयों में पढ़ाई का क्रम सुचारू रहेगा और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

DEO को DPI के सख्त निर्देश

जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि—सभी पात्र शिक्षकों को तत्काल पुनर्नियुक्ति आदेश जारी करें। किसी भी जिले में शिक्षक कमी की स्थिति न बने। अस्वीकार करने वाले शिक्षकों की लिखित सूचना अभिलेख में रखी जाए।

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