रायपुर, 29 अक्टूबर 2025 | प्रतिनिधि
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की संयुक्त टीमों ने बुधवार सुबह डीएमएफ (जिला खनिज निधि) से जुड़े कथित घोटाले के मामले में चार जिलों के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और धमतरी (कुरूद) जिलों में की जा रही है। रायपुर में 5, दुर्ग में 2, राजनांदगांव में 4 और कुरूद में 1 ठिकाने पर छापे डाले गए। जैसे ही एसीबी–ईओडब्ल्यू की टीम मौके पर पहुंची, संबंधित इलाकों में हड़कंप मच गया।
◆ ठेकेदारों और व्यापारियों के घरों पर कार्रवाई
छापेमारी जिन लोगों के ठिकानों पर हुई है, वे अधिकतर ठेकेदार और व्यापारी वर्ग से जुड़े हैं। आरोप है कि इन लोगों ने डीएमएफ फंड से चलाए गए विकास कार्यों में भारी वित्तीय गड़बड़ी और फर्जी बिलिंग की। इन पर लंबे समय से फर्जी खर्च और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, जिसके आधार पर यह संयुक्त छापामार कार्रवाई की गई।
◆ दस्तावेज, डिजिटल डेटा और रसीदें जब्त
एसीबी–ईओडब्ल्यू टीमों ने कई ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डेटा, परियोजना फाइलें और ठेके से संबंधित रसीदें जब्त की हैं। जांच अधिकारी पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं और पूरे दिनभर कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
◆ करोड़ों के घोटाले की आशंका
अधिकारियों ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी या बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि यह घोटाला करोड़ों रुपये के दुरुपयोग से जुड़ा हो सकता है। जांच में कई बड़े नामों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
◆ DMF फंड क्या है?
DMF (District Mineral Foundation Fund) केंद्र सरकार की वह योजना है जिसके तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए फंड उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों का जीवनस्तर सुधारना है। परंतु पिछले कुछ वर्षों में इस फंड के दुरुपयोग, फर्जी बिलिंग और घोटालों के कई मामले सामने आए हैं।