
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनरों को समय पर मिलेगा DR, वर्षों पुरानी प्रशासनिक बाधा हुई समाप्त
रायपुर, 19 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। अब महंगाई राहत (DR) जारी करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश के माध्यम से इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने और पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। नए आदेश के अनुसार अब दोनों राज्य महंगाई राहत में वृद्धि के लिए स्वतंत्र रूप से कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगे। इसके लिए किसी विधायी संशोधन अथवा दूसरे राज्य की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, महंगाई राहत से संबंधित वित्तीय भार की जानकारी दोनों राज्य एक-दूसरे को पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे तथा केंद्र सरकार द्वारा घोषित दर से अधिक महंगाई राहत नहीं दी जाएगी।
यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव तथा मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव श्री मनीष रस्तोगी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं पेंशनर्स फोरम के संयोजक बी.पी. शर्मा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि महंगाई राहत में लगातार हो रहे विलंब और आर्थिक नुकसान को लेकर फेडरेशन लंबे समय से संघर्ष कर रहा था। इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी ज्ञापन एवं पत्र भेजकर राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) के नाम पर लागू सहमति संबंधी बाध्यता समाप्त करने की मांग की गई थी।
फेडरेशन का कहना है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में महंगाई राहत स्वीकृत करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, फिर भी इसी आधार पर निर्णयों में देरी होती रही। इससे छत्तीसगढ़ के हजारों पेंशनरों को अन्य राज्यों की तुलना में कम दर पर महंगाई राहत मिलती थी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। फेडरेशन ने यह भी बताया कि उत्तराखंड और झारखंड जैसे राज्यों में पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए क्रमशः उत्तर प्रदेश और बिहार की सहमति नहीं ली जाती। ऐसे में छत्तीसगढ़ के लिए अलग व्यवस्था अपनाना समानता के सिद्धांत के विपरीत था।
फेडरेशन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों राज्यों के लाखों पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत मिल सकेगी और वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक बाधा समाप्त हो जाएगी। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं पेंशनर्स फोरम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा दोनों राज्यों के वित्त विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।