
YC न्यूज़ डेस्क। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने देश की सियासत में बड़ा बदलाव ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया, जबकि असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर हैट्रिक पूरी की। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी ने पारंपरिक दलों को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई है। वहीं केरल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वापसी के साथ लेफ्ट की सरकार का देश से सफाया हो गया है।
बंगाल में ममता का किला ढहा, BJP का ऐतिहासिक उदय
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 3 सीटों से छलांग लगाकर 206 सीटों पर कब्जा जमाया और करीब 70% स्ट्राइक रेट हासिल किया। ममता बनर्जी समेत 12 मंत्री चुनाव हार गए, जिससे 15 साल पुराना उनका शासन समाप्त हो गया। अब मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष जैसे नामों पर चर्चा तेज है।
तमिलनाडु में तीसरी ताकत का उदय, 59 साल बाद बदलाव
तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर बड़ा उलटफेर किया। यह पहली बार है जब राज्य में DMK और AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। मौजूदा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी अपनी सीट नहीं बचा सके।
असम में BJP की लगातार तीसरी जीत
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने 126 में से 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। पार्टी का स्ट्राइक रेट 92% से अधिक रहा और खास बात यह रही कि सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा।
केरल में कांग्रेस की वापसी, लेफ्ट का अंत
केरल में 10 साल बाद कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की है। पिनाराई विजयन अपनी सीट नहीं बचा सके। इस परिणाम के साथ ही देश में कहीं भी लेफ्ट की सरकार नहीं बची है, जो पिछले पांच दशकों में पहली बार हुआ है।
पुडुचेरी में NDA की वापसी
पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है, जबकि भाजपा को भी 4 सीटों पर सफलता मिली।
राष्ट्रीय राजनीति पर असर
इन नतीजों के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा अब 11 राज्यों में बहुमत के साथ मजबूत स्थिति में है, जबकि कई राज्यों में उसकी भागीदारी वाली सरकारें हैं।