दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर चल रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत दुर्ग साइंस कॉलेज के राधाकृष्णन ऑडिटोरियम में प्रबुद्ध जन सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन संघर्ष और देश के लिए उनके विजन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा –
“प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं का प्रतिबिंब हैं। बचपन में गरीबी और संघर्ष से गुजरते हुए उन्होंने चाय बेचकर समाज सेवा का संस्कार पाया। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता ने भारत को विश्व पटल पर सबसे तेज़ी से उभरते देशों की श्रेणी में खड़ा किया है।”
श्री साव ने कहा कि 2014 से पहले देश आर्थिक, सैन्य और वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति में था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, निर्यात और वैश्विक मंचों पर भारत की पहचान मज़बूत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक विकसित भारत का सपना अब साकार होता नज़र आ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे आम जनता और व्यापारियों के हित में सरल बनाया गया है। आवश्यक वस्तुओं पर कर में कमी कर गरीब वर्ग को राहत दी गई है तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए देशी उत्पादों पर विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज पड़ोसी देशों के प्रायोजित आतंकवाद का करारा जवाब देने में सक्षम है और पूरी दुनिया भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार कर रही है।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने जानकारी दी कि सेवा पखवाड़ा अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न जनसेवी और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।।कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कौर्सेवाडा, महापौर अलका बाघमार, तेलघानी विकास बोर्ड आयोग के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, जिला संयोजक शिवेंद्र परिहार सहित भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों – सिख, सिंधी, बंगाली, साहू, राजपूत, केरला समाज के प्रतिनिधियों सहित साहित्यकार, डॉक्टर, शिक्षक, सीए, अधिवक्ता और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।