नकटी अतिक्रमण विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोली— “गरीब नहीं, करीबियों की चिंता कर रही कांग्रेस”

नकटी अतिक्रमण विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोली— “गरीब नहीं, करीबियों की चिंता कर रही कांग्रेस”

रायपुर। नया रायपुर के नकटी अतिक्रमण विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी गरीबों के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि उसे अपने करीबियों के हितों की चिंता है। उन्होंने कांग्रेस को “पीडीएफ यानी पर्दा डालो फोर्स” बताते हुए कहा कि वह पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।
शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. मार्कण्डेय ने दावा किया कि नकटी में आवासीय परियोजना की प्रक्रिया वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि परियोजना की जानकारी सामने आने के बाद वर्ष 2022-23 में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ और कई लोगों ने जरूरत से कई गुना अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि जहां गरीब परिवारों को सामान्यतः सीमित भूमि आवंटित की जाती है, वहीं नकटी में कई लोगों ने हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान और बाड़ियां बना लीं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह पूरे प्रदेश में अवैध कब्जों का समर्थन करती है।
डॉ. मार्कण्डेय ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सेरीखेड़ी से 122 परिवारों को बिना पुनर्वास हटाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की और 61 परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 में आवास आवंटित करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे नकटी गांव को नहीं, बल्कि 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड में अवैध अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित आवासीय परियोजना केवल विधायकों के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सामूहिक आवास योजना का हिस्सा है। प्रेसवार्ता में रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्याम नारंग तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु भी मौजूद रहे।

भूपेश सरकार के समय शुरू हुई थी प्रक्रिया

भाजपा नेता ने दावा किया कि नकटी क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। हाउसिंग बोर्ड की मांग पर पटवारी, आरआई और तहसीलदार ने नियमानुसार भूमि चिन्हांकन कर प्रस्ताव शासन को भेजा था।उन्होंने कहा कि जैसे ही लोगों को यहां आवासीय परियोजना की जानकारी मिली, वर्ष 2022-23 के दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर कब्जे शुरू हो गए। पहले जहां लगभग तीन हेक्टेयर भूमि पर सीमित अतिक्रमण था, वहीं बाद में कब्जे का दायरा तेजी से बढ़ गया।

“कांग्रेस बताए, क्या अवैध कब्जों का समर्थन करती है?”

भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि क्या पार्टी पूरे प्रदेश में अवैध कब्जों को संरक्षण देना चाहती है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में सरकारी जमीनों को बेचने संबंधी अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके जरिए कई प्रभावशाली लोगों ने रियायती दरों पर जमीन खरीदी। बाद में इस आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।

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