
दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, दुर्ग ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति तेज कर दी है। संघ ने निर्णय लिया है कि 7 से 11 जुलाई के बीच मुख्यमंत्री के नाम सांसदों एवं विधायकों को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उनके निवास अथवा प्रवास के दौरान सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने बताया कि संघ की प्रबंधकारिणी एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से कर्मचारियों के लिए की गई ‘मोदी की गारंटी’ संबंधी घोषणाओं को शीघ्र लागू करने की मांग की जाएगी।
संघ की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2026 से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनरों को महंगाई राहत, डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने, कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के आदेश जारी करने, 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ तथा अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग शामिल है।
संघ ने कहा कि राज्य के विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा एवं अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल चुका है, जबकि प्रदेश के लगभग 4.50 लाख अधिकारी-कर्मचारी अभी भी इससे वंचित हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान लाभ दिया जाना चाहिए।
बैठक में शिक्षक फेडरेशन के राजेश चटर्जी, प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप चौहान, जिला सचिव शिवदयाल धृतलहरे, स्वास्थ्य विभाग के व्ही.एस. राव, शिक्षा विभाग के सुखेंद्र देवांगन, पशु चिकित्सा विभाग के सुरेश साहू सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।