सरगुजा/मैनपाट। भारतीय जनता पार्टी का तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर सरगुजा जिले के सुरम्य मैनपाट में जारी है। मंगलवार को शिविर का दूसरा दिन रहा, जो विचारों, रणनीतियों और मार्गदर्शन से भरपूर रहा। दिन भर में आयोजित कुल सात सत्रों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं केंद्रीय मंत्रियों ने सांसदों और विधायकों को संगठन, सुशासन, जनसंपर्क और नीति निर्माण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया।
दूसरे दिन के प्रमुख वक्ताओं में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश शामिल रहे।
शिविर के चौथे सत्र में वी. सतीश ने “हमारे कार्यविस्तार की दृष्टि – सामाजिक एवं भौगोलिक (एससी-एसटी कार्य)” विषय पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “विकसित छत्तीसगढ़ – अवसर और चुनौतियाँ (2003–2023)” विषय पर अनुभव साझा किया।
विनोद तावड़े ने छठे सत्र में सोशल मीडिया एवं जनसंचार की भूमिका को रेखांकित करते हुए कार्यकर्ताओं को विमर्श निर्माण का सशक्त उपकरण बताया।
शिवराज सिंह चौहान ने लोक व्यवहार, समय प्रबंधन और वक्तृत्व कौशल पर अपनी शैली में प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। दिन के अंत में भाजपा की विचारधारा, पंच प्रण और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर सत्रों का आयोजन हुआ। रात्रिकालीन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ महतारी पर आधारित सांस्कृतिक आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें सभी सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। बुधवार को शिविर का समापन होगा, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी.एल. संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश मार्गदर्शन देंगे। वे पार्टी की मूल विचारधारा, पंच प्रण और राजनीतिक कार्यशैली पर संवाद करेंगे।
अमित शाह का दौरा रद्द, शामिल होंगे वर्चुअली
गृह मंत्री अमित शाह, जो पहले इस समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होने वाले थे, अब वर्चुअल माध्यम से शिविर में भाग लेंगे। हालांकि, उनकी उपस्थिति के मद्देनजर तैयारियों में कोई कमी नहीं की गई थी।
उद्घाटन में जे.पी. नड्डा ने दिए थे महत्वपूर्ण निर्देश
शिविर का उद्घाटन सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा किया गया था। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को बूथ स्तर पर संगठन सशक्त करने, जनकल्याण योजनाओं का प्रसार, और विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व निर्माण और संगठन की स्थायित्व शक्ति का स्रोत है।