
गुंडरदेही। ग्रामीणों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने वाले कथित फर्जी पत्रकारों के खिलाफ गुंडरदेही थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। मामले में सुधा, यशराज, भरत साहू और चंदन पटेल समेत चार लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें से दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि भरत साहू और चंदन पटेल फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
PM आवास हितग्राहियों और भट्ठा संचालकों को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में खुद को पत्रकार बताकर गरीब और सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बना रहे हितग्राहियों, ईंट-भट्टा संचालकों और जलाऊ लकड़ी रखने वाले लोगों को कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे अवैध वसूली की जाती थी।
UPI ट्रांजैक्शन बना सबसे बड़ा सबूत
इस पूरे मामले का खुलासा डिजिटल लेन-देन के जरिए हुआ। पुलिस को UPI ट्रांजैक्शन से पैसे ट्रांसफर होने के अहम प्रमाण मिले हैं, जिसके बाद कथित पत्रकारों के अवैध उगाही नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जांच में कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
फरार आरोपियों के बचाव में उतरे कुछ हॉकर
सूत्रों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद भी फरार आरोपी ग्रामीणों को धमकाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं कुछ अखबार हॉकरों पर भी आरोपियों को संरक्षण देने और अवैध वसूली की रकम के बंटवारे में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ऐसे लोगों पर भी नजर बनाए हुए है और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस की चेतावनी – “दहशत फैलाने वालों को नहीं बख्शेंगे”
गुंडरदेही पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्र में भय और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की धमकी या उगाही की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही फरार आरोपियों और उनके सहयोगियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा भी किया गया है।
जांच के घेरे में पूरा नेटवर्क
पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल अवैध वसूली तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।