रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक बोर्ड की ओर से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए 19 और 20 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित आरएसबी कॉम्प्लेक्स में दो दिवसीय जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। राज्य में पहली बार आयोजित इस सम्मेलन को पूर्व सैनिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कॉन्क्लेव के पहले दिन 19 फरवरी को सत्र की अध्यक्षता राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर विवेक शर्मा (सेवानिवृत्त) ने की। इस दौरान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, बैकुंठपुर, जगदलपुर और कांकेर सहित प्रदेश के सभी 10 जिलों के सैनिक कल्याण अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की गतिविधियों और चुनौतियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
लंबित समस्याओं पर हुई गहन चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन 20 फरवरी को विभिन्न संगठनों और विभागों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें COSA, NCC, ECHS, CSD, स्टेशन मुख्यालय और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पूर्व सैनिकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं, पेंशन, चिकित्सा सुविधा, कैंटीन सेवाओं और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। दूसरे दिन कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ भी शामिल हुए। उनके साथ ब्रिगेडियर विवेक शर्मा (वीएसएम, सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर टी.एस. बावा (एसएम), ब्रिगेडियर डी.के. पात्रा तथा मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
गतिविधियों की समीक्षा और समन्वय पर जोर
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले में संचालित सैनिक कल्याण गतिविधियों की समीक्षा करना, स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को साझा करना और उनके समाधान के लिए बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। अधिकारियों ने कहा कि जिलों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान से नीतियों के क्रियान्वयन में सुधार आएगा। राज्य सैनिक बोर्ड का मानना है कि इस तरह के नियमित संवाद से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। कॉन्क्लेव से प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे राज्य के पूर्व सैनिक समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।