जामगांव आर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय बेल्हारी में वीर बाल दिवस अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार उन चार नन्हे शूरवीरों—साहिबज़ादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह एवं फतेह सिंह—को नमन करने के लिए एकत्रित हुआ, जिन्होंने बाल्यावस्था में ही साहस, त्याग और मानवता की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की, जिसे इतिहास युगों तक स्मरण रखेगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली, निबंध, कविता एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिंदी माध्यम के वरिष्ठ व्याख्याता वाई.के. साहू, नीता वर्मा, उत्तम पटेल, के. हेमावती, मुकेश्वरी ध्रुव, देवेंद्र साहू, तोषण लाल साहू, विजय साहू तथा अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक-शिक्षिकाएं श्रीमती शिबूमाला हरि, तृष्णा चक्रवर्ती, कौशर अंजुम, बिलाल अहमद, वासुदेव नंदन नाग, खुशबू मिश्रा, पूनम सिंह, स्वराज पैकरा सहित कार्यालयीन कर्मचारी तुषार कामरे एवं समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सेजेस बेल्हारी के पूर्व प्रभारी प्राचार्य एवं वरिष्ठ व्याख्याता वाई.के. साहू ने वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 दिसंबर का यह दिवस गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबज़ादों के अमर बलिदान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि वीरता उम्र की नहीं, संकल्प की पहचान होती है और नन्हे साहिबज़ादों का बलिदान आज भी हमें साहस, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वरिष्ठ व्याख्याता यू.के. पटेल ने कहा कि आज का दिन यह संदेश देता है कि वीरता आत्मा से जन्म लेती है। उन नन्हे वीरों का साहस आज भी हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कु. भूमिका, कु. भुवंदना, धनंजय कुमार, तन्मय कुमार, शीतल कुमार, आयुष गोलछा एवं आर्यन कुमार सहित विद्यार्थियों ने वीर बाल दिवस को साहस, त्याग और संकल्प का पर्व बताते हुए नन्हे साहिबज़ादों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन वासुदेव नंदन नाग ने किया। संचालन कर रहीं शिक्षिका खुशबू मिश्रा ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें यह सिखाता है कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता और सत्य व धर्म की रक्षा के लिए किया गया बलिदान युगों तक प्रेरणा देता है।