पाटन। पाटन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों में इस वर्ष मनरेगा कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीण मजदूरों के सामने रोजगार का संकट गहरा गया है। काम नहीं मिलने के कारण मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और कई परिवार पलायन को मजबूर हो रहे हैं।
इसी के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं में भी भारी अनियमितता सामने आई है। जनकल्याण समिति के सदस्य युगल आडिल के मुताबिक अधिकारियों की मनमानी के चलते पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना में पाटन ब्लॉक के 733 हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है, जबकि ग्राम सभा द्वारा उन्हें पात्र मानते हुए सूची विभाग को भेजी गई थी।
जनपद पंचायत स्तर पर जब इस मामले को उठाया जाता है, तो अधिकारी गोलमोल जवाब देकर मामले को टालने का प्रयास करते हैं। एक ओर जहां जनपद पंचायत ग्राम सभा के निर्णय को मानने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर नोडल अधिकारी ग्राम सभा के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर रहे हैं।
बताया जा रहा हैं कि पीएम आवास के मामलों में हितग्राही अपने जमीन के दस्तावेज देने को तैयार हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की बातों का कोई असर नहीं हो रहा, जिससे जनता के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा, पिछले तीन महीनों से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है और वृद्धा, निराश्रित व दिव्यांग पेंशन भी रुकी हुई है। इससे गरीब, बुजुर्ग और दिव्यांगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जनकल्याण समिति ने पूर्व में ही चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए ग्रामीण आज सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं,आज पाटन में इन मामलों को लेकर जंगी प्रदर्शन होगा।