
‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़’ सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री—महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय और रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता, नई औद्योगिक नीति से स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में UCC विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन भूमि है और सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
सरकारी नौकरी ही एकमात्र विकल्प नहीं: CM
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को सरकारी नौकरी देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए नई औद्योगिक नीति में ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन और रियायतें देने का प्रावधान किया गया है, जो स्थानीय युवाओं को अधिक रोजगार उपलब्ध कराएंगे। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा पूर्ववर्ती सरकार के समय महिला स्व-सहायता समूहों से वापस लिया गया ‘रेडी टू ईट’ कार्य फिर से उन्हें सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की करीब 30 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि 40 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
सामाजिक न्याय और विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि UCC लागू करने की पहल और नई औद्योगिक नीति प्रदेश में सामाजिक न्याय, निवेश और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।