
जामगांव आर। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश एवं हिंदी माध्यम विद्यालय बेल्हारी में शुक्रवार को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग के तत्वावधान में स्कूली विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेन्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रख्यात शिक्षाविद आचार्य महेशचंद्र शर्मा, उपसंचालक रोजगार वी.के. केड़िया, एसएमसी अध्यक्ष मनीष चंद्राकर, प्राचार्य रीना चौधरी सहित रोजगार कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने करियर चयन, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद आचार्य महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि जीवन में केवल यह तय करना पर्याप्त नहीं है कि “मुझे क्या बनना है?” इसके साथ यह भी तय करना जरूरी है कि “मुझे कैसा इंसान बनना है?” उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमें केवल करियर बनाने की शिक्षा नहीं दी, बल्कि चरित्र निर्माण का मार्ग भी दिखाया है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक, संस्कार, अनुशासन और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारों और अनुशासन को जीवन का आधार बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
• कैरियर की राह में शॉर्टकट से बचें, लक्ष्य तय कर धैर्य से करें मेहनत : वी.के. केड़िया
उपसंचालक रोजगार वी.के. केड़िया ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति को योग्यता प्रदान करने के साथ जीवन को सही दिशा देती है। उन्होंने कहा कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन की आवश्यकता होती है और धन अर्जित करने के लिए रोजगार के अवसर महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने रोजगार और स्वरोजगार के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर व्यक्ति को सेवा के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, वहीं स्वरोजगार के माध्यम से व्यक्ति स्वयं उद्यमी बनकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। केड़िया ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार के अवसर सीमित होने के बीच युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता भी बेहतर विकल्प हैं। युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग करते हुए स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर चयन के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि दसवीं कक्षा के बाद स्कूली जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव आता है। इसी चरण में विद्यार्थियों को अपनी रुचि, अभिरुचि, क्षमता और पारिवारिक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। लक्ष्य तय करने के बाद उसकी प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को शॉर्टकट से बचने, अपनी क्षमता के अनुरूप सही रास्ता चुनने और धैर्यपूर्वक मेहनत करते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में की गई मेहनत से सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।
प्लेसमेंट अधिकारी ईश्वर साहू ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों और शैक्षणिक क्षेत्रों से संबंधित सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं, निजी क्षेत्र की नौकरियों और अन्य रोजगार के अवसरों के लिए आवश्यक योग्यता एवं तैयारी के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम का संचालन वाय के साहू ने किया। इस अवसर केके जायसवाल, नीता वर्मा, मुकेशवरी ध्रुव, देवेंद्र साहू, उतम पटेल, बिलाल अहमद अंसारी, शिबूमाला हरि, दीपिशा एन के, तृष्णा चक्रवर्ती,गीतांजलि, खुटैल, के हेमावती, नरेन्द्र साहू अमनदीप सिंह सोनी,तुषार कामरे सहित बड़ी संख्या में दसवीं, ग्यारहवी और बारहवीं के छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।