
समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास एवं एंबुलेंस सेवा और ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में हुआ भव्य आयोजन
जामगांव आर । छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास एवं एंबुलेंस सेवा तथा ग्राम पंचायत आगेसरा के तत्वावधान में हरेली तिहार का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोकपरंपरा और आपसी भाईचारे की जीवंत झलक प्रस्तुत की। हरेली के अवसर पर महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों के लिए विभिन्न पारंपरिक खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें दौड़, रस्साकशी, गेड़ी दौड़, मटका फोड़, कबड्डी, वॉलीबॉल, नारियल फेंक सहित अनेक पारंपरिक खेल शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। बच्चों और युवाओं के साथ महिलाओं एवं पुरुषों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्री रमाकांत साहू, सरपंच एवं संस्थापक, समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास एवं एंबुलेंस सेवा, ग्राम पंचायत आगेसरा द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों के चेहरे पर जीत की खुशी और ग्रामीणों में अपनी लोकसंस्कृति से जुड़े होने का गौरव साफ दिखाई दिया। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति और लोकपरंपराओं से जोड़ना तथा ग्रामीण अंचलों में सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक दौर में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, किसान, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हमारी पहचान है। हरेली पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, खेती-किसानी के महत्व को समझने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अपनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व के प्रति भी सजग रहना आवश्यक है। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत आगेसरा के जनप्रतिनिधियों, समर्पण निःशुल्क कोचिंग क्लास एवं एंबुलेंस सेवा से जुड़े सदस्यों, युवाओं, महिलाओं, बच्चों सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की सहभागिता रही। पारंपरिक खेलों और उत्सव के रंग में रंगा पूरा आयोजन ‘हरेली की हरियाली, गांव की खुशहाली और संस्कृति की समृद्ध विरासत’ का संदेश देता नजर आया।