
पाटन। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोकपर्व हरेली महोत्सव के अवसर पर ग्राम भाठागांव (औरी), तहसील पाटन में पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं एवं वृक्षारोपण का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और खिलाड़ियों एवं ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया। हरेली महोत्सव के तहत खो-खो, कबड्डी एवं गेड़ी दौड़ सहित विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में ग्रामीण युवाओं और खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेल मैदान में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों में उमंग और उत्साह भर दिया। वहीं गेड़ी दौड़ ने हरेली पर्व की छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और ग्रामीण परंपराओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
हरेली हमारी संस्कृति और मिट्टी से जुड़ा पर्व : कीर्ति नायक
मुख्य अतिथि श्रीमती नायक ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, कृषि परंपरा और लोकसंस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर पारंपरिक खेलों का आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। खो-खो, कबड्डी और गेड़ी जैसे पारंपरिक खेल हमारी पहचान का हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन की जड़ों से जुड़ती है।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत सदस्य कस्तूरी पन्ना बाजरे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अलावा श्रीमती कलेंद्री गजेंद्र माणिकपुरी, सरपंच ग्राम पंचायत औरी-भाठागांव, श्री संदीप चंद्राकर, उपसरपंच सहित ग्राम के जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष श्री विकास टंडन एवं समस्त ग्रामवासियों भाठागांव के सहयोग से किया गया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए हरेली पर्व को पारंपरिक खेलों, आपसी भाईचारे और सामाजिक सहभागिता के साथ मनाया। इस अवसर पर खेल मैदान में वृहद वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को सार्थकता मिली।