रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों को लेकर लगातार सख्ती बरत रहा है। अब एक बार फिर नया आदेश जारी कर कहा गया है कि जिन भी मस्जिद, दरगाहों और मदरसों के पास वक्फ की संपत्ति है, उसका ऑनलाइन रिकाॅर्ड दर्ज कराना होगा। इसके लिए 5 दिसंबर तक का समय दिया गया है।तय समय तक संस्था प्रमुखों ने संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड नहीं की तो ऐसी सभी संपत्तियां वक्फ की न होकर शासकीय हो जाएंगी। इसके बाद इन संपत्तियों का उपयोग प्रशासन और निगम के आदेशानुसार ही होगा। यानी मुस्लिम संस्थाओं का ऐसी संपत्तियों पर कोई हक नहीं होगा।वक्फ बोर्ड के अफसरों ने बताया कि केंद्र की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नए वक्फ प्रबंधन नियमों के तहत ही उम्मीद पोर्टल में इस तरह की सभी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करना जरूरी है। इस काम की जिम्मेदारी संस्था प्रमुखों की रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण, बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।इन दस्तावेजों की जानकारी देनी होगीऑनलाइन पंजीयन के लिए मुतवल्लियों के आधार, पैन कार्ड के साथ आठ जरूरी दस्तावेज और वक्फ संपत्ति के विवरण के साथ जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन कराते समय कौन-कौन से अभिलेख की जरूरत होगी, इसकी सूची मंत्रालय की ओर से जारी की गई है।पोर्टल में वक्फ बोर्ड की ओर से मुतवल्ली नियुक्त करने का आदेश अपलोड करने के साथ ही समितियों के बाकी पदाधिकारियों के शैक्षिक योग्यता, वर्तमान रोजगार, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, स्थायी-वर्तमान पता आदि की भी जानकारी देनी होगी। बोर्ड ने इसकी सूचना विधिवत तरीके से सभी संस्था प्रमुखों तक पहुंचा दी है।
• जुर्माना लगाने के साथ ही FIR हो सकती है
वक्फ बोर्ड के अफसरों ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन जानकारी नहीं देने पर संस्थानों के प्रमुखों को कई तरह की वैधानिक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। वक्फ अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देने वाले लोगों पर 20 हजार का जुर्माना भी किया जा सकता है। जानकारी अपडेट नहीं करने पर ऐसे मुतवल्लियों को पद से भी हटाया जा सकता है। इसका पूरा अधिकार वक्फ बोर्ड के पास होगा।
•वामसी पोर्टल पर ब्योरा दे चुके तो भी पंजीयन जरूरी
जिन संस्थानों के पास मस्जिद, दरगाह, मदरसा, कब्रिस्तान या जो भी वक्फ की संपत्ति है और उसका पंजीयन नहीं है तो उन्हें हर हाल में कराना ही होगा। इसके अलावा जिन्होंने पहले वामसी पोर्टल में संपत्तियों की जानकारी दी थी, उन्हें अब नए पोर्टल उम्मीद में जानकारी देना होगा। क्योंकि पुराने सिस्टम को पूरी तरह से बदल दिया गया है।यह केंद्र का आदेश है। सभी संस्था प्रमुखों को हर हाल में 5 दिसंबर तक सभी जानकारी उम्मीद पोर्टल में अपलोड करनी होगी। ऐसा नहीं किया जाता है तो वो संपत्ति फिर वक्फ की नहीं होगी। उसे शासकीय संपत्ति माना जाएगा। उसका संचालन भी सरकार के हाथों में होगा। -डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड