CG कोयला घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया छठा पूरक चालान ! पेन ड्राइव में सौंपे दस्तावेज,करीब 9 हजार पन्नों की फाइल; 12 आरोपी बताए गए

CG कोयला घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया छठा पूरक चालान ! पेन ड्राइव में सौंपे दस्तावेज,करीब 9 हजार पन्नों की फाइल; 12 आरोपी बताए गए


रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोल लेवी घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एसीबी ने सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक चालान पेश किया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार चालान करीब 9 से 9.5 हजार पन्नों का बताया जा रहा है और इसमें 12 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं।.मामले में EOW की कार्रवाई को लेकर अदालत की कार्यवाही के बाद अब पूरक चालान में शामिल दस्तावेजों, आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। मीडिया रिपोर्टों में जिन 12 नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय, पीयूष साहू, आरपी सिंह, जोगेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा, जेपी मौर्य, दीपेश टांक, रामगोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह और सुनील अग्रवाल शामिल हैं।

पेन ड्राइव में सौंपा गया चालान

बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैसल रिजवी के अनुसार EOW की ओर से फिलहाल चालान की सामग्री पेन ड्राइव के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। उनका कहना है कि कई लोगों को समन मिल चुका है, जबकि कुछ लोगों को अभी समन प्राप्त नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि पेन ड्राइव में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का अभी विस्तृत परीक्षण नहीं किया गया है। इसलिए चालान में शामिल गवाहों की संख्या और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों के बारे में फिलहाल निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है।

अंतरिम नहीं, पूरक चालान

बचाव पक्ष की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अदालत में दाखिल दस्तावेज अंतरिम चालान नहीं बल्कि पूरक चालान हैं। दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी ने किन आरोपों और किन साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों को आरोपी बनाया है।इस मामले में EOW की ओर से पहले भी कई चालान पेश किए जा चुके हैं। मई 2026 में एजेंसी ने पांचवां पूरक चालान पेश किया था। अब छठे पूरक चालान के बाद जांच से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों पर न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। गौरतलब है कि मामले में 5 अक्टूबर को विशेष अदालत की कार्यवाही को लेकर पहले से ही कई आरोपियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नौ आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए गए थे।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन हैं। आरोप पत्र में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। आगे की तस्वीर अदालत में चालान और उसके साथ पेश किए गए साक्ष्यों की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

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