
राजनांदगांव। महिला सशक्तिकरण की अग्रणी कार्यकर्ता और पद्मश्री सम्मानित फूलबासन बाई यादव के कथित अपहरण की कोशिश से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना उनके सुकूल दहन स्थित निवास पर सुबह करीब 10:30 बजे हुई।
जानकारी के अनुसार, एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार एक युवती उनके घर पहुंची और बताया कि वाहन में बैठी एक दिव्यांग लड़की उनकी प्रशंसक है, जो उनसे मिलकर फोटो खिंचवाना चाहती है। भरोसा दिलाकर युवती ने उन्हें वाहन तक बुलाया। जैसे ही फूलबासन बाई गाड़ी के पास पहुंचीं, उन्हें अंदर बैठने के लिए कहा गया। आरोप है कि गाड़ी में बैठते ही पहले से मौजूद दो युवकों ने उन्हें जबरदस्ती पकड़ लिया और वाहन को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें धमकियां भी दी गईं और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया।
घटना का मोड़ तब आया जब वाहन चिखली पुलिस चौकी क्षेत्र के चेकिंग पॉइंट पर पहुंचा। पुलिस द्वारा सामान्य जांच के दौरान वाहन रोका गया। इसी बीच वाहन में मौजूद एक युवती (खुशबू साहू) का व्यवहार संदिग्ध लगा। स्थिति भांपते हुए फूलबासन बाई ने साहस दिखाया और विरोध करते हुए दरवाजे पर पैर मारकर संकेत दिया। उनकी हरकतों से पुलिस को शक हुआ और तुरंत वाहन की तलाशी ली गई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में सवार दो महिला और दो पुरुषों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में मामला आपसी परिचय और व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं पर गहन जांच जारी है। फूलबासन बाई ने आरोप लगाया है कि संबंधित युवती पहले से ही उनके साथ जुड़ने और उनकी जगह लेने की बातें कर रही थी। इसी योजना के तहत उन्हें फोटो के बहाने फंसाकर अपहरण की कोशिश की गई।