छत्तीसगढ़ केबिनेट के बड़े फैसले- वन्यजीव संरक्षण से ईको-टूरिज्म को संबल, महिलाओं को मिलेगा रोजगार, खनिज अन्वेषण में नया युग शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, रोजगार, पर्यावरण संतुलन और खनिज संपदा के कुशल दोहन से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये निर्णय राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने वन्यजीव संरक्षण पर जोर देते हुए जैव विविधता की रक्षा और ईको-टूरिज्म को प्रोत्साहन देने की दिशा में ठोस पहल की है। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी।

रामकृष्ण मिशन में नया विस्तार
मंत्रिपरिषद ने अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर’’ में इसकी सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ, वेलफेयर एवं सेवाएं (विश्वास)’’ को मर्ज करने का अनुमोदन किया। इससे शिक्षा और सामाजिक कल्याण के कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

बेमेतरा में बनेगा उद्यानिकी महाविद्यालय
बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में 100 एकड़ भूमि पर उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क भूमि प्रदान कर उद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इससे कृषक युवाओं को आधुनिक उद्यानिकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

JashPure’ ब्रांड से महिला समूहों को संबल
जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हर्बल और महुआ चाय जैसे उत्पाद अब ‘JashPure’ ब्रांड के तहत व्यापक बाजार में उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा सीएसआईडीसी को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और आदिवासी अंचलों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति में राहत
नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को अब पुलिस विभाग के अलावा किसी अन्य विभाग में भी अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी। मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2013 के पुनरीक्षित निर्देशों में संशोधन कर यह बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण और अधोसंरचना विकास के लिए SMET की स्थापना का निर्णय लिया गया। SMET फंड में रॉयल्टी की 2% अतिरिक्त राशि जमा होगी, जिसका उपयोग खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण, उच्च तकनीकों के उपयोग और मानव संसाधन विकास में किया जाएगा। यह ट्रस्ट नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर कार्य करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *