रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए आरोपी जयचंद कोशले के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी है। EOW ने रायपुर की विशेष अदालत में करीब 1000 पन्नों का चालान प्रस्तुत किया है। जयचंद कोशले फिलहाल केंद्रीय जेल रायपुर में न्यायिक हिरासत में बंद है। EOW के अनुसार, जयचंद कोशले पर 7 से 8 करोड़ रुपये की अवैध कोल लेवी की रकम तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने का गंभीर आरोप है। जांच के दौरान जब्त डायरी और डिजिटल साक्ष्यों में ‘जय’ नाम से दर्ज एंट्रियों के जरिए इस अवैध लेन-देन की पुष्टि हुई है।
अब तक 20 आरोपियों के खिलाफ पेश हो चुका है चालान
कोल लेवी घोटाले में अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। EOW के मुताबिक, जुलाई 2024 में 15 आरोपियों, अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों, अक्टूबर 2025 में 2 आरोपियों और अब जयचंद कोशले को मिलाकर यह संख्या 20 तक पहुंच गई है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान आगे और नाम जुड़ सकते हैं।
पहले चालान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू, आईएएस समीर विश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और निखिल चंद्राकर सहित कई बड़े नाम शामिल थे।
• मुख्यमंत्री सचिवालय में था निज सहायक
EOW के अनुसार जयचंद कोशले उर्फ ‘जय’ मुख्यमंत्री सचिवालय में सौम्या चौरसिया का निज सहायक था। जांच में सामने आया है कि वह अवैध कोल लेवी से वसूली गई बड़ी रकम का रिसीवर और मीडिएटर था। आरोप है कि उसने सौम्या चौरसिया के निर्देश पर सूर्यकांत तिवारी के निवास और अन्य स्थानों से भारी नकद राशि प्राप्त की।
• डायरी और वॉट्सऐप चैट्स से खुला राज
जांच के दौरान जब्त डायरी में ‘जय’ नाम से दर्ज सभी एंट्रियां जयचंद कोशले और सौम्या चौरसिया से जुड़ी पाई गई हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के मोबाइल से मिले वॉट्सऐप ग्रुप चैट्स, रियल-टाइम एंट्रियां और डिजिटल रिकॉर्ड्स में भी ‘जय’ के नाम से रकम का उल्लेख है, जो अवैध लेन-देन की पुष्टि करते हैं।
ईडी का दावा है कि जयचंद कोशले ने सौम्या चौरसिया के निर्देश पर करीब 7 से 8 करोड़ रुपये की अवैध कोल लेवी की रकम प्राप्त की।
• अवैध रकम से संपत्तियां खरीदने का आरोप
EOW ने अपनी जांच में यह भी दावा किया है कि जयचंद कोशले ने अवैध रूप से अर्जित रकम का इस्तेमाल खुद और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया। इन संपत्तियों की जांच फिलहाल जारी है।
• टुटेजा–सौम्या चैट्स से भी जुड़ी कड़ी
जांच में अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के बीच मिले चैट्स से यह भी खुलासा हुआ है कि जयचंद कोशले, सौम्या के निर्देश पर गोपनीय फाइलें और दस्तावेज अनिल टुटेजा तक पहुंचाता था।
•;क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोयला घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कोयले के परिचालन और परिवहन से जुड़े सिस्टम में हेरफेर कर 570 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई। आरोप है कि ऑनलाइन मिलने वाले कोल परिवहन परमिट को ऑफलाइन कर व्यापारियों से प्रति टन 25 रुपये की दर से वसूली की जाती थी। इसके लिए 15 जुलाई 2020 को तत्कालीन खनिज संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने आदेश जारी किया था। इस मामले में ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित कुल 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। अब तक आईएएस रानू साहू, आईएएस समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। EOW और ED की जांच जारी है, और आने वाले समय में इस हाई-प्रोफाइल कोयला घोटाले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।