छत्तीसगढ़ में 16 साल बाद पहली बार होगी डिजिटल जनगणना, शामिल होगी जातिगत गिनती

रायपुर-प्रदेश में 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल फॉर्मेट में होगी और इसमें जातिगत गिनती भी सम्मिलित की जाएगी। जनगणना 2027 में प्रस्तावित है और इसके लिए तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। 2020 में जनगणना की शुरुआत होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे टालना पड़ा।

डिजिटल और त्वरित प्रक्रिया:
पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रशासनिक मामलों के जानकार डॉ. सुशील त्रिवेदी के अनुसार, यह जनगणना तकनीकी रूप से पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग संभव है। इससे गिनती में त्रुटियों की संभावना नगण्य होगी और परिणाम भी पहले की तुलना में बहुत तेज़ी से सामने आ सकेंगे।

70 से 75 हजार स्टाफ की होगी तैनाती:
डिजिटल जनगणना के लिए 70 से 75 हजार कर्मचारियों की जरूरत होगी। शुरुआत घर-घर लिस्टिंग से होगी, जिसके बाद मुख्य गणना चरण आएगा। स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी जिसमें कमिश्नर, कलेक्टर और प्रगणक शामिल होंगे। गणकों को ₹25,000 और पेपर वर्क करने वालों को ₹17,000 का संभावित मानदेय मिलेगा। जनगणना का संचालन राजस्व और पंचायत विभाग के नोडल अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

जातिगत जनगणना का सामाजिक महत्व:
1931 के बाद पहली बार जातिगत जनगणना को शामिल किया जा रहा है। सामाजिक न्याय की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्रदेश में सामाजिक नीति निर्माण को ठोस आधार मिलेगा और वंचित वर्गों के लिए प्रभावशाली योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

वार्ड आधारित गणना प्रणाली:
इस बार वार्ड आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी, जिसके अनुसार प्रत्येक क्षेत्र में गणकों की संख्या और कार्य विभाजन तय किया जाएगा। गांवों की मास्टर डायरेक्टरी तैयार की जाएगी और गांव-तहसीलों का डिजिटल नक्शा भी बनाया जाएगा।

3.22 करोड़ अनुमानित जनसंख्या:
सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रदेश की जनसंख्या का अनुमान लगभग 3.22 करोड़ बताया गया है। यह आंकड़ा योजनाओं की तैयारी और नीति निर्धारण के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।

प्री-टेस्ट पहले ही हो चुका है:
2020-21 में जनगणना को लेकर कांकेर (माकड़ी), बलौदाबाजार और रायपुर के संतोषीनगर इलाकों में प्री-टेस्ट भी सफलतापूर्वक कराया गया था, जिससे डिजिटल प्रणाली की व्यावहारिकता साबित हुई।

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