रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत 35,000 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट सदन में चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही राज्य का कुल बजट आकार बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दिसंबर 2023 में जनता द्वारा दिए गए ऐतिहासिक जनादेश के बाद उनकी सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के संकल्प के साथ दो वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 विजन डॉक्यूमेंट” को साकार करने की दिशा में यह अनुपूरक बजट एक मजबूत और निर्णायक कदम है। वित्त मंत्री ने बताया कि 35,000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में 1,937 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय तथा 33,063 करोड़ रुपये राजस्व व्यय शामिल है। बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के अनेक विधायकों ने भाग लेकर अपने विचार रखे।
कृषि, किसान और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता
अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषक उन्नति योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये, पांच एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली बिल हेतु 1,700 करोड़ रुपये, बिना ब्याज के अल्पकालीन कृषि ऋण योजना के लिए 187 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 122 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत पिछली सरकार के बकाया भुगतान के निपटान हेतु मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में 6,800 करोड़ रुपये तथा मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि की भरपाई के लिए 12,424 करोड़ रुपये, इस प्रकार कुल 19,224 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं, सुरक्षा और विकास योजनाओं पर फोकस
महतारी वंदन योजना के लिए मुख्य बजट में प्रावधानित 5,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुपूरक बजट में 2,500 करोड़ रुपये और जोड़े गए हैं, जिससे प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। नक्सल प्रभावित जिलों के समन्वित विकास के लिए 452 करोड़ रुपये, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 117 करोड़ रुपये तथा फॉरेंसिक अधोसंरचना के लिए 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये, औद्योगिक विकास के लिए 360 करोड़ रुपये के साथ नगरीय विकास, खेल, परिवहन, अग्निशमन सेवाओं एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किए गए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को विकास, विश्वास और समृद्धि के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।