रायपुर, 2 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति उस समय गरमा गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना ‘बंदर’ से किए जाने वाला बयान सामने आया। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है, वहीं साहू समाज ने भी इसे अपमानजनक बताते हुए तीखी नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, तीन दिन पूर्व बिलासपुर के लिंगियाडीह में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे “उछल-कूद करने वाले बंदर की तरह” हैं और दो वर्षों में केवल 950 मीटर सड़क ही बनवा पाए हैं। यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा का तीखा पलटवार
भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा नेताओं ने इसे अमर्यादित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि राजनीति में आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन शब्दों की मर्यादा हर हाल में बनाए रखनी चाहिए। विजय शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह भाषा की सीमा तोड़ी गई, उसी तरह उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार की भी कोई सीमा नहीं रही।
अरुण साव का जवाब
इस पूरे विवाद पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से राजनीतिक विमर्श का स्तर गिरता है और सभी नेताओं को संयम बरतना चाहिए।
साहू समाज का विरोध
भूपेश बघेल के बयान के बाद छत्तीसगढ़ साहू समाज भी आक्रोशित नजर आया। समाज के पदाधिकारियों ने इस टिप्पणी को पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। साहू समाज ने पूर्व मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है।