
31 अगस्त तक पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन और भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश
रायपुर, 23 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन से सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जल जीवन मिशन (हर घर नल) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधूरे कार्यों को 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। इससे महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं अधूरी योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने के लिए जिला स्तर पर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान की जाए तथा जल संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाए। जिन स्थानों पर वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था तत्काल की जाए।उन्होंने रनिंग बिलों के समयबद्ध भुगतान, डीएमएफ, सांसद एवं विधायक निधि, सीएसआर और अन्य वित्तीय स्रोतों के समन्वित उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजना-वार व्यय का मिलान करने, प्रत्येक जिले में हर घर जल का नया लक्ष्य तय करने और जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक की कार्यवाही विभागीय पोर्टल पर समय पर अपलोड करने और जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।