बालोद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को सुशासन तिहार के अंतर्गत बालोद पहुँचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी माता जसमनी देवी के नाम पर वृक्षारोपण कर दौरे की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बालोद, कांकेर और नारायणपुर जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली और विभिन्न विभागीय कार्यों की स्थिति की गहन समीक्षा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और सीमांकन कार्य को बरसात से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के साथ ही जिला अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जल जीवन मिशन, शिक्षा, और जाति प्रमाण पत्र अभियान पर भी उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र अभियान चलाकर बच्चों को प्रमाणित किया जाए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और फसल चक्र परिवर्तन के साथ मक्का उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बालोद जिले को 511 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी, जिनमें
देवरी और डौंडीलोहारा में उच्चदाब उप केंद्र के लिए 500 करोड़ और
देवरी-जुनवानी पहुँच मार्ग के लिए 11.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा,
“मैं अब तक 28 जिलों का दौरा कर चुका हूँ। सुशासन तिहार के जरिए हमें जनता से सीधा फीडबैक मिला है। अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन जहां लापरवाही दिखी है, वहां कार्रवाई भी की गई है,उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार द्वारा रोके गए विकास कार्यों को फिर से शुरू कर, जनता के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास वर्तमान सरकार कर रही है।